कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 20 • कथा e4FfSt6Zjb5LUeGztPNz
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एक कौवे की गरूड़ से दोस्ती हो गई। दोनों काफी समय साथ गुजारते थे। उनमें मित्रता इतनी गहरी हो गई थी कि आपस में कभी कोई बात नहीं छिपाते थे। एक दिन दोनों एक नदी के किनारे पेड़ पर बैठे बात कर रहे थे तभी एक यमदूत उधर से गुजरा। वो कौवे को देख कर मुस्कुराया। गरूड़ और कौवे ने उस यमदूत को अनदेखा किया और अपनी बातों में लग गए। लेकिन, अगले दिन फिर वही हुआ। दोनों बातें कर रहे थे तभी वो ही यमदूत फिर उधर से गुजरा। वो फिर कौवे को देखकर मुस्कुराया। इस बार कौवे को कुछ शंका हुई। उसने गरूड़ से कहा कि ये यमदूत मुझे देखकर कल भी मुस्कुराया था और आज भी वैसे ही मुस्कुराया। कुछ गड़बड़ है। हो सकता है मेरी मृत्यु आने वाली है।
