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पौराणिक कथाएँ 42
पौराणिक कथाएँ 42
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 42 • कथा VrShpoBWcWl0oAvhGHLr
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हिंदू परंपरा में देवी षष्ठी को बच्चों की रक्षक देवी माना जाता है और बिल्ली को उनका वाहन कहा जाता है। देवी षष्ठी की पूजा विशेष रूप से नवजात बच्चों की रक्षा और उनके सुख-समृद्ध जीवन के लिए की जाती है। पुराणों के अनुसार देवी षष्ठी प्रकृति के छठे अंश से उत्पन्न देवी हैं, इसलिए उनका नाम “षष्ठी” पड़ा। कुछ ग्रंथों में उन्हें कार्तिकेय की पत्नी देवसेना का रूप भी माना गया है। राजा प्रियव्रत की कथा पुराणों में एक प्रसिद्ध कथा राजा प्रियव्रत से जुड़ी है। राजा प्रियव्रत धर्मात्मा और प्रतापी राजा थे, लेकिन उन्हें संतान नहीं थी। बहुत समय बाद उन्होंने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराया। यज्ञ के प्रभाव से उनकी पत्नी को पुत्र हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से बच्चा जन्म लेते ही मृत हो गया। राजा अपने मृत पुत्र को गोद में लेकर श्मशान पहुँचे और अत्यंत दुखी होकर विलाप करने लगे।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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