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पौराणिक कथाएँ 42
पौराणिक कथाएँ 42
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 42 • कथा oxNZkvfClD95iZqEzG6L
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एक बुढ़िया थी । उसने अपनी बहू से कहा तू दूध दही बेच के आ । वह बेचने गई तो रास्ते में औरतें पीपल पथवारी सींच रही थीं। उनको सींचता देखकर बहू ने पूछा -कर रही हो ? औरतें बोलीं कि हम पीपल पथवारी सींच रही हैं इससे अन्न और धन होता है । बारह वर्ष का बिछुड़ा हुआ पति मिल जाता है। बहू बोली ऐसी बात है । तो तुम पानी से सींचती हो तो मैं दूध से सींचूँगी। गूजरी बहू रोजाना दूध-दही बेचने नहीं जाती वह रोजाना दूध तो पीपल में और दही पथवारी में सींचती । सास दूध-दही का दाम माँगती तो कह देती महीना पूरा हो जाने पर दूँगी ।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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