कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 46 • कथा d8V7VSgSPCUPLohYRmJX
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राम नवमी विशेष श्रीराम कथा महिमा का यह पहला अध्याय (अध्याय 1) है, जहाँ से इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है। यह भाग हमें केशव भट्ट की भक्ति और उनके ऐश्वर्य प्राप्ति की कथा बताता है। श्रीराम कथा महिमा अध्याय 1 1. सुरपुर के केशव भट्ट और उनकी निर्धनता बहुत समय पहले, 'सुरपुर' नामक एक सुंदर नगर में केशव भट्ट नाम के एक अत्यंत सरल और धार्मिक ब्राह्मण रहते थे। वे भगवान श्रीराम के परम भक्त थे, लेकिन उनका जीवन बहुत ही गरीबी में बीत रहा था। उनके पास न रहने को अच्छा घर था और न ही परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त धन। वे अपनी पत्नी और छोटे पुत्र नारायण भट्ट के साथ एक छोटी सी टूटी झोपड़ी में रहते थे। गरीबी इतनी थी कि कई बार उन्हें उपवास भी करना पड़ता था, लेकिन केशव भट्ट के मुख पर हमेशा 'राम' नाम का जाप रहता था।
