कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 44 • कथा PSwHQhU98InKsfKOaSbo
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सच्चे भाव से भागवत कथा सुनने से पापी भी मुक्त हो सकता है,और अंततः भगवान की भक्ति ही मोक्ष का साधन है। गोकर्ण की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण से जुड़ी एक अत्यंत प्रेरणादायक कथा है, जो ज्ञान, भक्ति और श्रीमद्भागवत कथा के प्रभाव को दर्शाती है। यह कथा तुंगभद्रा नदी के तट पर रहने वाले आत्मदेव नामक ब्राह्मण, उनके ज्ञानी पुत्र गोकर्ण और पापी पुत्र धुंधकारी की है, जहाँ गोकर्ण ने अपने प्रेत बने भाई धुंधकारी को भागवत कथा सुनाकर मोक्ष दिलाया था। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार गोकर्ण की विस्तृत कथा गोकर्ण की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण (स्कंध 6) में अत्यंत प्रेरणादायक रूप में वर्णित है। यह कथा भक्ति, सत्संग और भागवत श्रवण की महिमा को दर्शाती है। प्राचीन समय में तुंगभद्रा नदी के तट पर एक नगर में आत्मदेव नामक ब्राह्मण रहता था।
