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पौराणिक कथाएँ 12
पौराणिक कथाएँ 12
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 12 • कथा bV1JzqIoD8BLN7eQL4Ux
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जब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने परम भक्त सुदामा जी को तीनों लोकों का स्वामी बना दिया, तो उनकी अपार संपत्ति देखकर स्वयं यमराज भी विचलित हो उठे। उनसे रहा न गया। वे अपने नियम-कानूनों के बहीखाते लेकर द्वारिका पहुँचे और भगवान के समक्ष विनम्रतापूर्वक बोले— “अपराध क्षमा करें प्रभु, पर सत्य यह है कि अब यमपुरी में शायद मेरी कोई आवश्यकता ही नहीं रह गई है। आपके अपार करुणा-भाव के कारण अनेक पापी यमलोक तक आते ही नहीं, वे सीधे आपके धाम को प्राप्त हो जाते हैं। इसलिए मैं पृथ्वीलोक के प्राणियों के कर्मों का यह समस्त लेखा-जोखा आपको सौंपने आया हूँ। ” इतना कहकर यमराज ने अपने सभी बहीखाते भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में रख दिए।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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