कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 36 • कथा 3nnv4ccaeCkIy86wav1D
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एक बार एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ नदी किनारे बैठे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति सिर पर भारी बोझ उठाए नाव में चढ़ा। नाव चलने लगी, लेकिन वह व्यक्ति अभी भी खड़ा था और बोझ उसके सिर पर ही था। उसके चेहरे पर थकान और घबराहट साफ दिख रही थी।
