कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 7 • कथा 0xRr7tAhCOzvXLciiVjp
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एक बार की बात है। गोस्वामी तुलसी दास जी अवध में थे। वे सरयू नदी में स्नान करने आए। जब वे नदी में उतर कर अंदर की ओर जा रहे थे, उसी समय एक महिला भी वहां स्नान करने पहुंची। उसे जल्दी स्नान करना था। उसने तुलसीदास जी को देख कर प्रणाम किया और कहा, “बाबा जी! मुझे शीघ्र स्नान करना अनिवार्य है। आप उस ओर मुख कर नदी में खड़े हो जाईए। आपको आपके राम जी की शपथ है, जब तक मैं ना कहूँ, आप न पीछे मुड़ कर देखेंगे, न नदी से बाहर निकलेंगे। गोस्वामी जी ने भी उन महिला को अस्वासन दे, नदी में महिला की ओर पीठ घुमा कर खड़े हो गए। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। महिला जल्दी जल्दी नहा कर भागी। जल्दबाजी में वह महिला गोस्वामी जी को पीछे मुड़ने व बाहर निकलने को कहना भूल गई। इस कारण गोस्वामी जी घंटों नदी में ही रह गए।
