कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 7 • कथा CXN46mEkE7zs9EN74T3s
1 / 4
कार्तिक महीने में सब औरते तुलसी माता को सींचने जाती थी । सब तो सींच कर आती परन्तु एक बूढ़ी माई आती और कहती कि हे तुलसी माता ! सत की दाता , मैं बिलड़ा सींचूं तेरा , तू कर निस्तारा मेरा , तुलसी माता अड़ुआ दे लडुआ दे ,पीताम्बर की धोती दे , मीठा मीठा गास दे , बैकुंठ का वास दे , चटके की चाल दे , पटके की मौत दे , चन्दन की काठ दे , झालर की झनकार दे , साई का राज दे , दाल भात का जीमन दे , ग्यारस की मौत दे , श्रीकृष्ण का कांधा दे।
