कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 18 • कथा aPboeMciVzX7CgLtbYe2
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एक गाँव में दो मंदिर आमने-सामने थे। एक ओर लक्ष्मीनारायण का भव्य मंदिर था, तो दूसरी ओर भगवान शिव का शिवालय था। इन दोनों मंदिरों के बाहर एक बूढ़ी अम्मा बैठी रहती थी जो फूल बेचकर अपना गुज़ारा करती थी। गाँव के सभी भक्त उन्हीं से फूल लेकर पूजा करने जाते थे। एक दिन फूलों की आवक कम हुई और वृद्धा के पास फूल कम पड़ गए। तभी वहां एक कट्टर शिवभक्त आया और महादेव की पूजा के लिए फूल मांगने लगा। अहंकार की शुरुआत वृद्धा ने हाथ जोड़कर कहा, "बेटा, मेरे पास अब फूल खत्म हो गए हैं। जो थोड़े-बहुत बचे हैं, उन्हें सामने वाले लक्ष्मीनारायण मंदिर के एक भक्त ने पहले ही मंगवा लिया है, वह आता ही होगा।
