कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 18 • कथा nUVmOGYupg4cFu02lqOv
1 / 4
वृन्दावन में एक गरीब ब्राह्मण रहता था। वह बाँकेबिहारी से असीम प्यार करता था। वह बाँकेबिहारी का इतना दीवाना था कि सुबह शाम जब तक वह मन्दिर ना जाए उसे किसी भी काम में मन नहीं लगता था। मन्दिर में जब भी भंडारा होता वह प्रमुख रूप से भाग लेता। एक दिन ब्राह्मण की बेटी की शादी तय हो गई और जिस दिन ब्राह्मण की बेटी की शादी तय हुई उसी दिन ब्राह्मण की बाँकेबिहारी के मन्दिर में भी ड्यूटी लग गई। ब्राह्मण परेशान हो गया कि, वह करे तो क्या करे। बेटी की शादी भी जरूरी है, और बाँकेबिहारी की आज्ञा भी ठुकरा नहीं सकता। ब्राह्मण ने सोचा कि अगर यह बात वह अपनी पत्नी से बताएगा, तो उसकी पत्नी नाराज हो जाएगी। वह कहेगी कि, कोई क्या अपनी बेटी की शादी भी छोड़ता है।
