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पौराणिक कथाएँ 41
पौराणिक कथाएँ 41
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 41 • कथा rpSEkwpjfwjS2bEOc8yw
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एक बार गौतम बुद्ध से उनके एक शिष्य ने पूछा, गुरूजी कृपया हमें बताएं कि कर्म क्या है? गौतम बुद्ध ने अपने शिष्य से कहा, कि कर्म को समझने के लिए मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ। इस कहानी से तुम समझ जाओगे कि कर्म क्या है। बुलंदशहर का राजा, घोड़े पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था, चारों तरफ भ्रमण करने के बाद वह एक दूकान के सामने आकर रुक गया। रुकने के बाद राजा ने अपने मंत्री से कहा कि मंत्री जी मालुम नहीं क्यों लेकिन लगता है कि इस दुकानदार के लिए कल ही फांसी की सजा सुना दूँ, इसे मृत्युदंड दे दूँ। मंत्री राजा से इसका कारण पूछ पाते इससे पहले राजा आगे बढ़ गए। मंत्री ने इस बात का कारण पता करने के लिए अगली सुबह भेस बदली और आम जनता का रूप लेकर दुकानदार के पास जा पहुंचा।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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