जीवन में सकारात्मकता एक ऐसी चाभी है जिससे व्यक्ति समस्या के हर ताले खोल सकता है. यदि आप सकारात्मक हों, तो दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियां भी आसानी से हल हो जाती हैं.दोस्तों! पानी में गिरने से इंसान की मृत्यु नहीं होती है, बल्कि तब होती है जब उसे तैरना नहीं आता. परिस्थितियां कभी भी समस्या नहीं बनती, समस्या तब बनती हैं जब उनसे निपटना नहीं आता. सकारात्मक सोच की शक्ति से घोर अंधकार को भी आशा की किरणों में बदला जा सकता है. हमारे विचारों पर हमारा स्वयं का नियंत्रण होता है, इसलिए ये हमें ही तय करना होती है कि हमें सकारात्मक सोचना है या नकारात्मक. हर विचार एक बीज की तरह होता है. सकारात्मक बीज आप के पॉजिटिव नजरियों को उजागर करता है और आप को हर कठिनाइयों से उभरने की शक्ति देता है. सकारात्मक विचार रखनें वाला व्यक्ति गुलाब के पेड़ में कांटों को नहीं बल्कि उसमें निकले गुलाब को देखता है. आइए इस कथा के माध्यम से जाने विचारों में कितनी शक्ति होती है।
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 49 • कथा 55tt4MDWd4KgwdRntNKh
1 / 4
