कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 49 • कथा p3rBktObF5D99QxZhIuW
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राजस्थान की धरती वीरों और चमत्कारी लोक देवताओं की भूमि रही है। यहाँ पाबूजी महाराज की कथा सबसे अधिक लोकप्रिय है, जिन्हें लक्ष्मण जी का अवतार और ऊँटों का देवता माना जाता है। पाबूजी का जन्म धांधल जी राठौड़ के घर हुआ था। उनकी वीरता के साथ-साथ उनके 'वचन' निभाने की शक्ति आज भी मिसाल दी जाती है। देवल नाम की एक चारणी (महिला) के पास एक बहुत ही सुंदर और जादुई घोड़ी थी, जिसका नाम था केसर कालमी। पाबूजी के बहनोई, जायल के नरेश जींदराव खींची, उस घोड़ी को पाना चाहते थे, लेकिन देवल ने उसे पाबूजी को दे दिया।
