पंढरपुर महाराष्ट्र का एक सुविख्यात तीर्थ स्थान है। भीमा नदी के तट पर बसा यह तीर्थस्थल शोलापुर जिले में अवस्थित है। आषाढ़ महीने में देवशयनी एकादशी पर यहाँ करीब 5 लाख से ज्यादा हिन्दू श्रद्धालु प्रसिद्ध पंढरपुर यात्रा में भाग लेकर भगवान विट्ठल के दर्शन करने पहुँचते हैं। एक बार पुंडलिक नाम का एक युवक काशी की यात्रा पर निकल पड़ा था, जब वो जंगल से गुजर रहा था, तब वो रास्ता भटक गया, भटके हुये रास्ते पर उसे एक आश्रम दिखा। वो आश्रम था कुक्कुट ऋषि का। आश्रम पहुँचकर पुंडलिक ने महर्षि कुक्कुट से काशी जाने का रास्ता पूछा। तब ऋषि ने बताया कि वे आजतक कभी भी काशी नही गए और इसी कारण उन्हैंं रास्ता भी पता नही है। पुंडलिक ने ये सुनते ही ऋषि का उपहास किया और कहा, "किस तरह के ऋषि हो आप ? , जो अपने आप को ऋषि समझते हो और एक बार भी काशी नहीं गए। " कुक्कुट ऋषि का उपहास कर पुंडलिक आगे अपनी यात्रा के लिए निकल पड़ा।
कथा प्रसंग 1
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