कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 54 • कथा wDYXaltycWM7qcFiAlsa
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एक छोटा सा गांव था। गांव में एक वृद्ध साधु थे, जो गांव से थोड़ी सी दूरी पर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में कन्हैया की पूजा-अर्चना करते और प्रतिदिन सायंकाल नियमपूर्वक अपनी झोपड़ी से निकलकर मंदिर जाते और भगवान के सम्मुख दीपक जलाते। उसी गांव में एक नास्तिक व्यक्ति भी रहता था। उसने भी प्रतिदिन का नियम बना रखा था ‛दीपक बुझाने का’। जैसे ही साधु भगवान के सामने दीपक जला कर मंदिर से घर लौटते, वह नास्तिक मंदिर में जाकर दीपक को बुझा देता था। साधु ने कई बार उसे समझाने का प्रयत्न किया, पर वह कहता- “भगवान हैं, तो स्वयं ही आकर मुझे दीपक बुझाने से क्यों नहीं रोक देते?
