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Mahabharata Part 1 : Adiparva
Mahabharata Part 1 : Adiparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 1 : Adiparva • अध्याय 22KQpUqnoVVIMcIvwVHO
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लाक्षागृह के भीषण अग्निकांड से बचकर जब पाण्डव सघन और दुर्गम वन में पहुँचे, तो भूख, प्यास और मार्ग की थकान से माता कुन्ती और चारों भाई अत्यंत शिथिल हो गए। वे सभी एक विशाल वटवृक्ष की शीतल छाया में सूखी भूमि पर ही अचेत होकर सो गए। महाबाहु भीमसेन अपने सोए हुए परिजनों की सुरक्षा हेतु हाथ में गदा लिए जागते रहे। उस वन में कुछ ही दूरी पर एक विशाल शाल के वृक्ष पर 'हिडिम्ब' नाम का एक अत्यंत क्रूर, भयानक और नरभक्षी राक्षस अपनी बहन हिडिम्बा के साथ रहता था। मनुष्यों की गंध पाकर उस राक्षस की भूख तीव्र हो उठी।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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