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Mahabharata Part 1 : Adiparva
Mahabharata Part 1 : Adiparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 1 : Adiparva • अध्याय ESxYWriP4ek4dcZ1TyvZ
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हस्तिनापुर में आचार्य द्रोण के संरक्षण में समस्त राजकुमार अस्त्र-विद्या में पारंगत हो रहे थे। उसी समय निषादराज हिरण्यधनु का पुत्र एकलव्य द्रोणाचार्य से धनुर्विद्या सीखने की अभिलाषा लेकर आश्रम पहुँचा। आचार्य द्रोण ने राजधर्म और कुल-मर्यादा का विचार कर एकलव्य को अपना शिष्य स्वीकार करने से मना कर दिया। निराश होकर एकलव्य सघन वन में लौट आया। उसने आचार्य द्रोण की एक सुंदर मिट्टी की प्रतिमा बनाई और उसे ही साक्षात गुरु मानकर उसके सम्मुख प्रतिदिन अत्यंत एकाग्रता से बाण-विद्या का कठोर अभ्यास करने लगा।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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