श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 12 : Shantikparva • अध्याय 0xJ5ZTOAUdYmxaBhtppn
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महाराज युधिष्ठिर ने पितामह भीष्म से पूछा कि हे पितामह! महर्षि वेदव्यास ने अपने परम ज्ञानी और तपस्वी पुत्र शुकदेव को काल के स्वरूप और मोक्ष के साधनों का क्या उपदेश दिया था? भीष्म जी ने उत्तर दिया कि एक बार हिमालय के पावन शिखर पर शुकदेव जी ने अपने पिता भगवान व्यास के चरणों में प्रणाम करके यह जिज्ञासा की थी कि इस चराचर जगत की उत्पत्ति किससे होती है और इसका प्रलय किस प्रकार होता है? व्यास जी ने अत्यंत वात्सल्यपूर्वक अपने पुत्र को सृष्टि और काल के गूढ़ रहस्यों का ज्ञान देना आरंभ किया।
