श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 12 : Shantikparva • अध्याय 1zM5roeK1Bvq3uFYIZ8B
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पितामह भीष्म ने युधिष्ठिर को आत्म-नियंत्रण, छह प्रकार के दुर्गों की सुरक्षा और राजा व विद्वान पुरोहित के संयुक्त सामंजस्य का महत्व समझाया।

पितामह भीष्म ने युधिष्ठिर को आत्म-नियंत्रण, छह प्रकार के दुर्गों की सुरक्षा और राजा व विद्वान पुरोहित के संयुक्त सामंजस्य का महत्व समझाया।