श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 12 : Shantikparva • अध्याय K62rBuEziWsS8Gp795
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पितामह भीष्म ने जप की महत्ता प्रतिपादित करते हुए कौशिक गोत्रीय जापक ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकु के दिव्य आख्यान का वर्णन किया।

पितामह भीष्म ने जप की महत्ता प्रतिपादित करते हुए कौशिक गोत्रीय जापक ब्राह्मण और राजा इक्ष्वाकु के दिव्य आख्यान का वर्णन किया।