कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 10 • कथा NOfl5OKeQ61AD1qgpmDd
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एक बार एक बूढ़े ब्राह्मण श्री बिहारी जी के दर्शन के लिए बहुत दूर से पैदल चलते हुए वृंदावन आये तो उन्होंने मंदिर के गोस्वामी जी से बिहारी जी की सेवा मांगी l स्वामी जी ने रात की चौकीदारी की सेवा लगा दी और कहा - ध्यान रखना, कोई चोर चकुटा मंदिर में प्रवेश न कर पाए। बाबा ने बड़े भाव से सेवा स्वीकार की। कई वर्ष बीत गये। एक बार क्या देखते हैं कि बिहारी जी आधी रात को चल दिये सेवाकुंज की ओर तो बाबा भी चल दिए उनके पीछे पीछे! नजदीक पहुंचने पर बिहारी जी थक गए, मुड़कर देखा तो बाबा भी उनके पीछे थे।
