श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 8 : Karnaparva • अध्याय 0odNqISfmySyv8J2XPCA
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धर्मराज युधिष्ठिर से आशीर्वाद प्राप्त कर गांडीवधारी अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण प्रचंड वेग से कुरुक्षेत्र की रणभूमि में पुनः प्रविष्ट हुए। श्रीकृष्ण ने अपने पाञ्चजन्य शंख और अर्जुन ने देवदत्त शंख का ऐसा भयंकर नाद किया कि संपूर्ण दिशाएँ गूँज उठीं। शंखध्वनि सुनते ही व्याकुल पांडव सैनिकों में नवजीवन और अदम्य उत्साह का संचार हो गया। अर्जुन ने रणभूमि में आते ही कौरव सेना पर बाणों की ऐसी सघन बौछार की कि शत्रु दल में भगदड़ मच गई।
