श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 8 : Karnaparva • अध्याय 1KPcxexOCfvzOvJ23V50
1 / 24
श्रीकृष्ण और अर्जुन जब पांडव शिविर में पहुँचे, तब उन्होंने देखा कि धर्मराज युधिष्ठिर अपनी शय्या पर अत्यंत व्यथित अवस्था में विश्राम कर रहे हैं। दोनों ने आगे बढ़कर अत्यंत आदरपूर्वक ज्येष्ठ भ्राता के चरणों का स्पर्श किया। अर्जुन और श्रीकृष्ण को सकुशल देखकर युधिष्ठिर के मन में यह विश्वास दृढ़ हो गया कि कर्ण का वध हो चुका है। उन्होंने हर्ष से गद्गद होकर दोनों वीरों का अभिनंदन किया और अपनी शय्या पर उठकर बैठ गए।
