श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 8 : Karnaparva • अध्याय 3Qbhd51oRnEJMZKBqHTe
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कुरुक्षेत्र के विशाल रणक्षेत्र में अंततः वह ऐतिहासिक क्षण आ पहुँचा जिसकी प्रतीक्षा दोनों पक्षों के योद्धा युगों से कर रहे थे। सेनापति कर्ण और गांडीवधारी अर्जुन के रथ एक-दूसरे के सम्मुख आकर खड़े हो गए। आकाश में ब्रह्मा, शिव, इंद्र और सूर्यदेव सहित समस्त देवता इस अभूतपूर्व द्वंद्व के साक्षी बनने हेतु उपस्थित थे। दोनों वीरों ने अपने-अपने दिव्य शंखों का गगनभेदी नाद किया और धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा ली। उस समय संपूर्ण पृथ्वी और आकाश दोनों महारथियों के तेज से जगमगा उठे।
