कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 19 • कथा RNMvGtmLX4L5AqjTAPgS
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यह कहानी एक प्राचीन सिद्ध पीठ की है, जहाँ माँ काली का निवास है। यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जाग्रत 'क्षेत्र' है जहाँ आज भी दिव्य शक्तियाँ पहरा देती हैं। हिमालय की तलहटी में बसा एक प्राचीन क्षेत्र था जिसे 'रुद्रपुर' कहा जाता था। यहाँ के मुख्य मंदिर में माँ काली साक्षात विराजमान थीं। लोककथाओं के अनुसार, इस क्षेत्र में कदम रखते ही हवा का भारीपन बदल जाता था—मानो कोई अदृश्य शक्ति आपको हर पल देख रही हो। 1. बटुक भैरव: द्वार के रक्षक मंदिर के मुख्य द्वार पर बटुक भैरव का वास था। वे माँ के सबसे प्रिय और युवा स्वरूप हैं। एक बार एक अहंकारी तांत्रिक अपनी नकारात्मक शक्तियों के बल पर मंदिर की पवित्रता भंग करने की चेष्टा करने लगा।
