कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 19 • कथा zqKXq6G2Dt9VZ9OD9Jtd
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केदारनाथ धाम की महिमा निराली है, जहाँ महादेव 'शिव' से 'शरणदाता' बन जाते हैं। यह कथा एक ऐसे भोले भक्त की है, जिसने अपनी अटूट निष्ठा से महादेव को समय की धारा बदलने पर मजबूर कर दिया था। केदारनाथ का वह अनन्य भक्त: एक वृद्ध की अंतिम इच्छा सदियों पहले की बात है, एक अत्यंत वृद्ध व्यक्ति था जो शिव का परम भक्त था। उसका केवल एक ही सपना था—जीवन समाप्त होने से पहले बाबा केदारनाथ के दर्शन करना। उस समय आज जैसी सुविधाएँ नहीं थीं। बूढ़ा भक्त लाठी टेकते हुए, कांपते पैरों से ऊँचे पर्वतों की चढ़ाई चढ़ने लगा। महीनों की पैदल यात्रा के बाद, जब वह मंदिर के करीब पहुँचा, तो कपाट बंद होने का समय आ गया था। शाम का समय था, बर्फबारी शुरू हो चुकी थी।
