श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय 6PgYGRpwNxwRxHzTNCvB
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रावण के अंतिम संस्कार के उपरांत आकाश में उपस्थित सभी देवता, गंधर्व और सिद्धगण श्रीराम के अद्भुत पराक्रम, सुग्रीव के विवेक, लक्ष्मण व हनुमान जी की अपार भक्ति और माता सीता के पातिव्रत धर्म की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अपने-अपने लोकों को लौट गए। भगवान् श्रीराम ने देवराज इंद्र के सारथि मातलि को अत्यंत सत्कारपूर्वक विदा किया। इसके पश्चात श्रीराम ने परम मित्र सुग्रीव को हृदय से लगाया और लक्ष्मण जी के प्रणाम को स्वीकार कर अपनी सेना की छावनी में पधारे।
