श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय 8c6NJNIA4sgYGSeLXzzV
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सारथि द्वारा पुनः युद्धभूमि में लाए जाने पर रावण का विशाल रथ भयंकर घर्घराहट करता हुआ आगे बढ़ा। उस पर काले रंग के उत्तम अश्व जुते थे और ऊंची पताका फहरा रही थी। रावण के रथ को आते देखकर भगवान श्रीराम ने देवराज इन्द्र के सारथि मातलि को सावधान किया। प्रभु ने कहा कि रावण जिस वेग से प्रदक्षिणाभाव से आ रहा है, उससे स्पष्ट है कि उसका अंत निकट है।
