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Ramayana Part 6 : Yuddhakand
Ramayana Part 6 : Yuddhakand
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय ALEI4sVc4TepMziF8Xpe
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नन्दिग्राम में श्रीराम के आगमन का शुभ समाचार पाकर राजकुमार भरत का हृदय अवर्णनीय आनंद से भर गया। उन्होंने कुशासन पर विराजमान पवनपुत्र हनुमान जी से हाथ जोड़कर प्रार्थना की कि हे सौम्य, इतने वर्षों के वियोग के पश्चात मुझे प्रभु की यह अमृतमयी चर्चा सुनने को मिली है। आप कृपा करके विस्तार से बताएं कि वन में श्रीराम और वानरों की यह प्रगाढ़ मित्रता कैसे और किस कारण से हुई।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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