श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय AzXITlTzgJA1rQ2j9FN4
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मूल श्लोक • Sacred Shloka
समुद्र पार करने के पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने प्रकृति में अनेक भीषण अपशकुनों को देखा। प्रचण्ड धूल भरी आंधियां चलने लगी थीं और पर्वत शिखर कांप रहे थे। आकाश में रक्त की बूंदों से युक्त मेघ घिर आए थे और सूर्य के चारों ओर अशुभ लाल घेरा दिखाई दे रहा था। इन उत्पातसूचक लक्षणों को देखकर श्रीराम ने छोटे भाई लक्ष्मण को स्नेह से गले लगाया।
भावार्थ एवं कथा प्रसंग (HI)
अनेक राक्षस सेनापतियों के मारे जाने पर रावण ने अपने छह मास तक सोने वाले महाकाय भाई कुम्भकर्ण को जगाने का आदेश दिया।
