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Ramayana Part 6 : Yuddhakand
Ramayana Part 6 : Yuddhakand
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय I8aXqhRYoHQP0j3n46nn
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नन्दिग्राम में कुशल-क्षेम के उपरांत राजकुमार भरत ने हाथ जोड़कर बड़े भ्राता श्रीराम से विनयपूर्वक कहा कि हे प्रभु, यह राज्य आपके ही योग्य है। जैसे बलवान बैल जिस भार को उठाता है उसे छोटा बछड़ा नहीं खींच सकता, वैसे ही इस विशाल साम्राज्य के शासन का भार उठाने में मैं असमर्थ हूँ। जिस प्रकार लगाए गए वृक्ष में फल आने पर उसका फल सबको सुख देता है, उसी प्रकार हम सब आपके राज्याभिषेक का दर्शन कर धन्य होना चाहते हैं। अतः आप अविलंब अयोध्या का सिंहासन स्वीकार कीजिए।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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