श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय PBDOQPXKqMBfVc7uDhNw
1 / 23
कुम्भकर्ण के मारे जाने पर जब रावण शोक में विलाप कर रहा था, तब उसके त्रिशिरा, देवान्तक, नरांतक और अतिकाय नामक महाबली पुत्रों ने उसे ढांढस बंधाया। त्रिशिरा ने कहा कि श्रेष्ठ पुरुष कभी विलाप नहीं करते और वे सब मिलकर श्रीराम का संहार करने रणभूमि में जाएंगे। रावण ने अपने इन चारों तेजस्वी पुत्रों तथा दोनों भाइयों महोदर और महापार्श्व को गले लगाकर अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित कर युद्ध के लिए विदा किया।
