श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय Q7mS5aVVQfOqXTaF0iLr
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रणभूमि में लक्ष्मण के स्वस्थ हो जाने के पश्चात भगवान श्रीराम ने रावण के वध का दृढ़ संकल्प लेकर अपने धनुष का संधान किया। उधर रावण भी नवीन सुवर्ण रथ पर सवार होकर श्रीराम पर टूट पड़ा। देवताओं ने आकाश से देखा कि रावण रथ पर सवार है और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम नंगे पांव भूमि पर खड़े हैं। इस असमान स्थिति को देखकर देवराज इन्द्र ने अपने कुशल सारथि मातलि को बुलाया।
