श्लोक संख्या 1
Ramayana Part 6 : Yuddhakand • अध्याय VJIMM3qvyyEQt5O9PhFI
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मूल श्लोक • Sacred Shloka
महल की ऊंची अटारी पर खड़े होकर गुप्तचर शुक ने राजा रावण को वानर सेना के प्रमुख महानायकों का परिचय देना जारी रखा। उसने गंगातट के वटवृक्षों और हिमालय के सालवृक्षों जैसे विशालकाय वानरों की ओर संकेत किया। शुक ने बताया कि ये सभी वीर इच्छाधारी हैं और इनका पराक्रम साक्षात देवताओं के समान है। ये सभी किष्किन्धा नरेश सुग्रीव के मुख्य मंत्री और सेनापति हैं।
भावार्थ एवं कथा प्रसंग (HI)
कुम्भकर्ण के वध के बाद रावण स्वयं युद्धभूमि में आया और उसने लक्ष्मण पर अपनी अमोघ 'शक्ति' का प्रहार किया।
