किसी गांव में रमा नाम की एक भोली भाली औरत रहती थी। चार-पांच साल हो चुके थे उसकी शादी को लेकिन उसके घर अभी तक कोई बालक ने जन्म नहीं लिया था। रमा और उसका पति बालक के लिए बहुत तरसते थे। उसकी सास को भी बहुत शौक था कि वह जल्दी से दादी बने। 1 दिन रमा के मुहल्ले की 8-10 औरतें राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में किशोरी जी के दर्शन करने के लिए बरसाना धाम जा रही थी। उन्होंने रमा और उसकी सास को भी चलने को कहा तो रमा की सास बोली कि आप लोग रमा को ले जाओ.. दोनों एक साथ घर से नहीं जा सकती.. घर में मेरे बेटे और पति को खाने की दिक्कत होगी। रमा पहले कभी भी बरसाना धाम नहीं गई थी वह बड़ी उत्सुक थी बरसाना धाम जाने को। ऊपर से उसकी सास ने रमा को कहा था बेटी जाओ किशोरी जू बहुत करुणामई है शायद वह तेरी गोदी भर दे... बस यही बात रमा के दिमाग में बैठ गई कि अब तो मुझे जाना ही जाना है। उसके पति ने भी उसको जाने की आज्ञा दे दी हालांकि वह आठ-दस दिनों के लिए कभी भी अपने पति से दूर नहीं रही थी। फिर भी वह जाने को तैयार हो गई... रात की गाड़ी से सबको बरसाना धाम जाना था कि उसी दिन शाम को रमा के पैर में चोट लग गई उससे चला भी नहीं जा रहा था। दर्द भी सहन नहीं हो रहा थी.. उसकी सास बोली कि तुम मत जाओ फिर कभी चले जाना तुम ऐसी हालत में नहीं जा सकोगी, लेकिन रमा न मानी.. उसने तो बस मन बना लिया था कि बरसाना की किशोरी करुणामई है मेरी गोद जरूर भरेगी। बस यही सोचकर रमा बोली कोई बात नहीं मांझी मैं ठीक हूं। रमा और मोहल्ले की औरतें राधेकृष्ण राधेकृष्ण का जयकारा लगाती हुई बरसाना धाम को चल पड़ी.. सारी रात गाड़ी में रमा और वह औरतें 1 मिनट के लिए भी नहीं सोती बस राधेकृष्ण का जाप करती रहती हैं। बरसाना धाम पहुंचकर सभी नहा धोकर किशोरी जी के दर्शनों को चल पड़ती हैं। बरसाना की सीढ़ियों पर सब राधे-राधे कहते चढ़ती जाती है रमा के पैर में चोट लगी होने के कारण वह धीरे-धीरे चढ़ती है वह सब औरतों को कहती है कि आप अटारी तक पहुंचो मैं धीरे-धीरे चल रही हूं मैं बाद में पहुंच जाऊंगी। आप वहां मेरा इंतजार करना... सभी चल पड़ती है। रमा धीरे-धीरे चढ़ती राधे-राधे कहती जाती है ! अभी वह आधी सीढ़ियां चढ़ी ही थी कि अचानक से उसका पैर मुड़ गया और वह गिरने लगती है... तभी अचानक से एक सात साल की लड़की उसका हाथ पकड़ लेती है और कहती है अरे मैया ध्यान से कहीं गिर ना जाना।
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 27 • कथा 9sIQIekxTYGtmYqSimAv
1 / 4
