कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 27 • कथा A0RD5hbgIN97gpVNYbYU
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एक बार बादशाह अकबर के मन में हिन्दू धर्म को लेकर कुछ जिज्ञासाएँ उत्पन्न हुईं। उन्होंने बीरबल से पूछा, "बीरबल, तुम्हारे हिन्दू धर्म में कहा जाता है कि ईश्वर कण-कण में व्याप्त है। यदि ऐसा है, तो वह हमें दिखाई क्यों नहीं देता? और यदि वह सब कुछ करता है, तो वह खुद कष्ट क्यों सहता है? " अकबर ने तीन मुख्य प्रश्न रखे: 1. ईश्वर कहाँ रहता है? 2. वह कैसे मिलता है? 3. वह करता क्या है? बीरबल ने मुस्कुराते हुए कहा, "जहाँपनाह, इन प्रश्नों के उत्तर मैं कल दूँगा। " अगले दिन बीरबल दरबार में दूध का एक बड़ा कटोरा लेकर आए।
