कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 27 • कथा CasuY2N9MCvpI4jOaQil
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टूटा हुआ वचन – जिम्मेदारी का पाठ बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में रामदीन नाम का एक गरीब व्यापारी रहता था। उसके पास व्यापार के लिए न तो पर्याप्त धन था और न ही कोई सहारा। एक दिन, उसने श्री कृष्ण के मंदिर में जाकर प्रार्थना की, "हे प्रभु! यदि मेरा व्यापार चल निकला और मुझे धन का लाभ हुआ, तो मैं अपनी पहली कमाई का आधा हिस्सा गरीबों और आपके मंदिर की सेवा में दान कर दूँगा। " सफलता का आगमन और अहंकार का जन्म श्री कृष्ण की कृपा से रामदीन का व्यापार रातों-रात चमक गया। कुछ ही महीनों में वह गाँव का सबसे अमीर व्यक्ति बन गया। लेकिन जैसे-जैसे तिजोरी भरने लगी, रामदीन का मन बदलने लगा।
