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पौराणिक कथाएँ 21
पौराणिक कथाएँ 21
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 21 • कथा CaWfXUGZk6z9IPFP5xkA
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जब भगवान श्रीराम अपनी लीला पूर्ण कर साकेत धाम (अपने परम धाम) को प्रस्थान करने लगे, तब उनके साथ अयोध्या के सभी जीव—मनुष्य, पशु-पक्षी, यहाँ तक कि पेड़-पौधे और पर्वत भी चल पड़े। इस भीड़ में वह धोबी भी शामिल था जिसने जगत जननी माता सीता की निंदा की थी। आश्चर्य की बात यह थी कि स्वयं भगवान श्रीराम ने उस धोबी का हाथ पकड़ रखा था और उसे अपने साथ लिए जा रहे थे। । । साकेत का द्वार बंद हुआ । । जैसे ही सभी ने साकेत धाम में प्रवेश करना चाहा, द्वार खुल गया। परन्तु, जैसे ही उस निंदक धोबी ने कदम बढ़ाया, साकेत का द्वार स्वतः बंद हो गया! साकेत द्वार ने प्रभु से कहा— "हे महाराज!

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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