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पौराणिक कथाएँ 21
पौराणिक कथाएँ 21
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 21 • कथा GQU14jjmfoSI9qY6EXc1
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एक साहूकार की एक बेटी थी। वह रोजाना पीपल के पेड़ में पानी डालने जाती थी। पीपल के पेड़ पर लक्ष्मी जी का वास था। एक दिन लक्ष्मी जी ने प्रकट होकर उससे कहा तू मेरी सहेली बन जा। वह लड़की माता पिता की आज्ञाकारी थी। उसने कहा यदि मेरे मेरे माता पिता आज्ञा दे देंगे तो मै आपकी सहेली बन जाउंगी। उसके माता पिता ने उसे आज्ञा दे दी। दोनों सहेली बन गई। एक दिन लक्ष्मी जी ने उसे खाना खाने के लिए निमंत्रण दिया। माता पिता की आज्ञा लेकर वह लक्ष्मी जी के यहाँ जीमने चली गई। लक्ष्मी जी ने उसे शाल दुशाला भेंट किया , रूपये दिए। उसे सोने से बनी चौकी पर बैठाया। सोने की थाली , कटोरी में छत्तीस प्रकार के व्यंजन परोस कर खाना खिलाया। जब वह अपने घर के लिए रवाना होने लगी तो लक्ष्मी जी ने कहा मैं भी तुम्हारे यहाँ जीमने आऊँगी।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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