राजस्थान के दौसा जिले में स्थित श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि अटूट श्रद्धा और चमत्कारों का केंद्र है। यह मंदिर भगवान हनुमान के बाल स्वरूप को समर्पित है और यहाँ उन्हें 'बालाजी' के नाम से पूजा जाता है। कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है। इसकी स्थापना के पीछे एक बहुत ही रोचक कथा है प्राचीन समय में यहाँ का पूरा क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था। यहाँ के महंत जी के पूर्वजों (जिन्हें 'गोसाईं जी' कहा जाता है) को स्वप्न में हनुमान जी के दर्शन हुए। स्वप्न में भगवान ने उन्हें एक विशेष स्थान का संकेत दिया। जब वे उस स्थान पर पहुँचे, तो उन्हें अरावली की पहाड़ियों के बीच बालाजी महाराज, प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा की मूर्तियाँ स्वतः प्रकट (स्वयंभू) मिलीं। कहा जाता है कि जहाँ आज मूर्ति है, वहाँ पहले एक घना जंगल था और चट्टानों के बीच से पानी की एक पतली धारा बहती थी, जो आज भी बालाजी के चरणों से निकलती है।
कथा प्रसंग 1
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