Skip to main content
Part 1 of 4
Aa
पौराणिक कथाएँ 28
पौराणिक कथाएँ 28
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 28 • कथा NU2cu38oznGUeJgMXr5J
1 / 4

जगन्नाथ कौन हैं और किसके अवतार हैं, इसे लेकर विष्णु पुराण, नारद पुराण और हरिवंश पुराण में विस्तार से जिक्र होता है. इनमें भगवान विष्णु के कई नामों में से उनका एक नाम जगन्नाथ बताया गया है और जगत पालक के रूप में ही उनकी पूजा होती है. जगन्नाथ मंदिर में भगवान के जिस स्वरूप के दर्शन होते हैं वह द्वापर युग से जुड़ा हुआ है और इसकी कड़ियां कृष्ण कथा से जुड़ती हैं. एक दिन श्रीकृष्ण की दो पत्नियां सत्यभामा और जाम्बवंती श्रीकृष्ण की मां रोहिणी से जिद करने लगीं कि उन्हें कृष्ण-बलराम की गोकुल-ब्रज और वृंदावन वाली कथाएं सुननी हैं. जाम्बवंती ने कहा कि यहां सभी श्रीकृष्ण के बचपन की कहानियां खूब कहते-सुनते हैं. वहीं सत्यभामा कहने लगीं कि मैंने तो राधा की भी कहानियां सुनी हैं. मैंने रुक्मणि दीदी से पूछा तो वह भी हंस कर टाल देती हैं, कोई हमें कुछ बताता ही नहीं है. ये सब सुनकर वसुदेव की पहली पत्नी और बलरामजी की मां रोहिणी खूब हंसने लगीं. पहले तो उन्होंने मना किया, लेकिन जब दोनों ही बहुएं बहुत जिद करने लगीं तब उन्होंने कहा कि ठीक है, मैं तुम दोनों को कृष्ण की बाललीला सुनाऊंगी, लेकिन ध्यान रहे कि ये कथा कृष्ण और बलराम के कानों में न पड़ जाए, अगर ऐसा हुआ तो दोनों ही इस कथा में इतना डूब जाएंगे कि फिर वे ब्रज की ओर ही चले जाएंगे. तब तुम सभी कुछ नहीं कर पाओगी. इस पर सत्यभामा प्रसन्न होते हुए बोलीं, आप चिंता न करें, मेरे पास एक योजना है. हम सभी एक दिन रैवतक पर्वत पर मां अम्बिका के पूजन के लिए चलेंगे. सुहागिन स्त्रियों के इस पूजन के लिए सभी इकट्ठा होंगी और इस तरह हमें एकांत भी मिल जाएगा. ऐसी योजना बनाकर द्वारिका के राजमहल की सभी बहुएं, श्रीकृष्ण की बालकथा सुनने के दिन का इंतजार करने लगीं.

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
1 / 4