कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 28 • कथा dUKoN00YsEEFPipSh3CY
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पंढरपुर धाम की पावन भूमि ने अनेक संतों को देखा है, पर संत कान्होपात्रा की कथा सबसे अलग और हृदयस्पर्शी है। संत कान्होपात्रा की कहानी भक्ति, साहस और समर्पण की एक अद्भुत मिसाल है। उनकी कथा मुख्य रूप से महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय से जुड़ी है। कान्होपात्रा का जन्म 15वीं शताब्दी में महाराष्ट्र के मंगलवेधा (पंढरपुर के पास) में हुआ था। उनकी माँ 'शामा' एक प्रसिद्ध नर्तकी और गणिका थीं। कान्होपात्रा बचपन से ही अत्यंत सुंदर थीं, लेकिन उनका मन सांसारिक चमक-धमक की जगह आध्यात्मिकता की ओर अधिक था। जैसे-जैसे कान्होपात्रा बड़ी हुईं, उनकी सुंदरता की चर्चा दूर-दूर तक फैल गई।
