कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 13 • कथा T0eOShJEmuLicfVOgNzg
1 / 4
गाँव की एक अहीर बाला दूध बेचने के लिये रोजाना दूसरे गाँव जाती। रास्ते में एक नदी पड़ती। नदी किनारे दूध का डिब्बा खोलती और उसमें से एक लोटा दूध निकालती। दूध के डिब्बे में एक लोटा पानी मिलाती और नदी पार के गाँव की ओर चल पड़ती दूध बेचने। यह उसकी रोज की दिनचर्या थी। नदी किनारे एक वृक्ष पर संत मलूकदास जी जप माला फेरते हुऐ इस अहीर बाला की गतिविधियों को रोज आश्चर्य से देखा करते। एक दिन उनसे रहा नहीं गया और ऊपर से आवाज लगा ही दी।
