कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 2 • कथा p75fuCtcRCAG6L5DN2cp
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कथा के अनुसार, द्वापर युग में जब भगवान कृष्ण द्वारका के राजा थे, तब उनके बचपन के सखा श्रीधामा ब्रज में ही रहते थे। समय बीतने पर श्रीधामा के पुत्र का विवाह तय हुआ। श्रीधामा ने प्रेमवश अपने सखा कृष्ण को निमंत्रण भेजा, लेकिन वे जानते थे कि कृष्ण अब द्वारकाधीश हैं और शायद उनका आना संभव न हो। जब विवाह संपन्न हुआ और बहू घर आई, तब ब्रज की परंपरा के अनुसार 'मुँह दिखाई' की रस्म शुरू हुई।
