श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 6 : Bhishmaparva • अध्याय 00Rcxof5Fhn9LBeUSTMo
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महाभारत के पाँचवें दिन का सूर्योदय होते ही दोनों सेनाएँ पुनः युद्ध के लिए आमने-सामने आ डटीं। पितामह भीष्म ने कौरव सेना को एक विशाल 'मकरव्यूह' (मगरमच्छ के आकार) में सुसज्जित किया। भीष्मजी स्वयं मकर के मुख पर खड़े होकर सेना का नेतृत्व कर रहे थे। इसके उत्तर में सेनापति धृष्टद्युम्न ने पांडव सेना का एक अद्भुत 'श्येनव्यूह' (बाज पक्षी के आकार) रचा। श्येनव्यूह की चोंच के स्थान पर भीमसेन, नेत्रों पर धृष्टद्युम्न और शिखंडी तथा सिर पर स्वयं सात्यकि खड़े हुए।
