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Mahabharata Part 6 : Bhishmaparva
Mahabharata Part 6 : Bhishmaparva
16:9 Cinematic View
श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 6 : Bhishmaparva • अध्याय 5RuxtSDCXw8C5JBB2q1z
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भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी परा और अपरा प्रकृति का गूढ़ रहस्य समझाते हुए अर्जुन से कहा कि हे पार्थ, अब तुम ध्यानपूर्वक सुनो। पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, मन, बुद्धि और अहंकार—यह आठ प्रकार से विभाजित मेरी जड़ प्रकृति है। इस अपरा प्रकृति से भिन्न मेरी दूसरी चेतन प्रकृति है, जिसने इस संपूर्ण जगत को धारण कर रखा है। इन दोनों प्रकृतियों से ही समस्त प्राणियों की उत्पत्ति होती है। मैं ही इस संपूर्ण ब्रह्मांड की उत्पत्ति और प्रलय का मूल कारण हूँ।

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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