श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 6 : Bhishmaparva • अध्याय 9DPr10QowtAPek9yjwST
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आठवें दिन के युद्ध के पश्चात रात्रि में राजा दुर्योधन अत्यंत खिन्न और व्याकुल होकर अपने शिविर में बैठा था। उसने शकुनि, दुःशासन और कर्ण को बुलाकर गंभीर मंत्रणा की। दुर्योधन ने कहा कि भीष्म, द्रोण, कृपाचार्य और शल्य जैसे महारथी भी पांडवों को नहीं रोक पा रहे हैं। कर्ण ने कहा कि हे राजन, यदि भीष्मजी युद्ध से हट जाएं और अपने शस्त्र रख दें, तो मैं अकेले ही पांडवों और सोमकों का संहार कर दूँगा। दुर्योधन तुरंत अपने भाइयों के साथ पितामह भीष्म के शिविर में पहुँचा।
