श्लोक संख्या 1
Mahabharata Part 6 : Bhishmaparva • अध्याय CdWHrLpcTnFnzvdb4HiB
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द्वादश अध्याय में श्रीकृष्ण ने सगुण भक्ति को सुगम एवं श्रेष्ठ बताते हुए समदृष्टि, अहिंसा और क्षमावान अनन्य भक्त को अपना प्रियतम घोषित किया।

द्वादश अध्याय में श्रीकृष्ण ने सगुण भक्ति को सुगम एवं श्रेष्ठ बताते हुए समदृष्टि, अहिंसा और क्षमावान अनन्य भक्त को अपना प्रियतम घोषित किया।