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पौराणिक कथाएँ 37
पौराणिक कथाएँ 37
पौराणिक पावन कथा
कथा प्रसंग 1
पौराणिक कथाएँ 37 • कथा 7LUK3uvlykx66XGJ8IHW
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एक लपसी था , एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोजाना सवा सेर की लापसी बनाकर भगवान का भोग लगा कर जीम लेता था। एक दिन दोनों लड़ने लगे। तपसी बोला मै रोज भगवान की तपस्या करता हूँ इसलिए मै बड़ा हूँ। लपसी बोला मै रोज भगवान को सवा सेर लापसी का भोग लगाता हूँ इसलिए मै बड़ा । नारद जी वहाँ से गुजर रहे थे। दोनों को लड़ता देखकर उनसे पूछा कि तुम क्यों लड़ रहे हो ?

सनातन ज्ञान धारा • Timeless Spiritual Guidanceकृतान्त शास्त्र संग्रह
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